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Tourists की पहली पसंद बन रहा है Jaipur, इतनी बड़ी संख्या में लोग आ रहे घूमने

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जयपुर: प्रदेश के पर्यटन उद्योग (Rajasthan Tourism) के लिए अच्छी खबर है. कोरोना संक्रमण के ख़ौफ़ पर पर्यटन जीत की ओर आगे बढ़ रहा है. नवंबर के महीने में प्रदेश में पर्यटकों की संख्या एक लाख 81 हजार से ज्यादा रही. शादियों के सीजन के चलते प्री वेडिंग शूटिंग (Pre Wedding Shooting) के लिए भी लॉक जयपुर (Tourist Places In Jaipur) पहली पसंद कर रहे हैं. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि सर्दी बढ़ने के साथ दिसंबर गोल्डन मंथ में इस संख्या में और इजाफा होगा. इससे न केवल प्रदेश के पर्यटन उद्योग को मजबूती मिलेगी वरन पर्यटन से जुड़े लाखों लोग जो कोरोना (Coronavirus) की चपेट में आकर बेरोजगार हो गए थे उन्हें भी एक बार फिर अपने पसंदीदा रोजगार से जुड़ने का मौका मिलेगा. 

कोरोना पॉजिटिव से नेगेटिव हुए प्रदेश के पर्यटन उद्योग के लिए अच्छी खबर है. अक्टूबर में प्रदेश में पर्यटकों की संख्या एक लाख के पार पहुंच गई जिसे अच्छा संकेत माना जा रहा है. राजस्थान को पर्यटन (Tourist Places In Rajasthan) का प्रदेश माना जाता है राजधानी जयपुर के स्मारक देश और दुनिया में इतनी प्रसिद्धि हासिल कर चुके है की गूगल पर भी एक क्लिक करो तो एक-एक स्मारक के लाखों पेज खुल जाते हैं. प्रदेश में पर्यटन ढांचा इतना मजबूत हुआ करता था जिस पर स्वाइन फ्लू, जीका, एंथ्रेक्स, सार्स और न जाने कितने वायरस आक्रमण कर चुके हैं लेकिन राजस्थान के पर्यटन ढांचे को टस से मस भी नहीं कर पाए, लेकिन इस बार देश और प्रदेश के पर्यटन पर जिस कोरोना नाम के वायरस ने हमला किया है उसके आगे  प्रदेश का पर्यटन ढांचा दरकता दिखाई दे रहा है. 

कोरोना संकट के चलते प्रदेश में 18 मार्च को सभी पर्यटन स्थल जिनमें मॉन्यूमेंट, म्यूजियम, नेशनल पार्क, बायोलॉजिकल पार्क, सफारी सभी को बंद कर दिया गया था. यही नहीं टूरिज्म इंडस्ट्री से जुड़े तमाम स्टेक होल्डर जिनमें होटल, रिसॉर्ट, रेस्टोरेंट्स, हाथी गांव जैसे तमाम पर्यटन से जुड़े स्थलों को भी बंद कर दिया गया था. इससे पर्यटन उद्योग (Rajasthan Tourist Places) को अरबों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा. आखिर अनलॉक वन में 1 जून को प्रदेश के पर्यटन स्थलों को शुरू कर दिया गया. इसके बाद 8 जून से तमाम होटल, रेस्टोरेंट और पर्यटन से जुड़े अन्य स्थल भी सैलानियों के लिए खोल दिए गए, लेकिन 1 जून से 30 जून तक के पहले 1 महीने में पर्यटन स्थलों पर माहौल निराशाजनक ही रहा.

राजधानी में के कुल 8 स्मारक और संग्रहालयों पर 1 महीने में महज 5269 पर्यटक पहुंचे. जबकि राजधानी के बाहर के प्रदेश के मॉन्यूमेंट और म्यूजियम जिनकी संख्या 24 है उन पर महज 3537 पर्यटक ही 1 महीने में पहुंचे. अब पिछले 3 महीने से लगातार पर्यटकों की संख्या बढ़ने से होटल रेस्टोरेंट इंडस्ट्री के चेहरे पर थोड़ी रौनक लौटी है. प्रदेश में 1 सितंबर से पर्यटन सत्र शुरू हुआ सितंबर के महीने में कोविड-19 बावजूद रिकॉर्ड पर्यटकों का आगमन हुआ. राजधानी जयपुर के स्मारकों पर जहां 56 हजार 931 पर्यटक पहुंचे वहीं राजधानी के बाहर के पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या 27 हजार 904 रही. इसका मतलब है कि प्रदेश में सितंबर में 84 हजार 835 पर्यटक पहुंचे जोकि अगस्त के पर्यटकों की संख्या से करीब 30,000 ज्यादा हैं. 

यही ट्रेंड अक्टूबर में भी जारी रहा और सितंबर की अपेक्षा अक्टूबर में भी पर्यटकों की संख्या में 30,000 से ज्यादा का इजाफा हुआ. अक्टूबर में प्रदेश के स्मारकों पर कुल एक लाख 14 हजार 768 पर्यटक पहुंचे. इनमें जयपुर के स्मारकों पर 85 हजार 390 और प्रदेश के अन्य स्मारकों पर 29378 सैलानी पहुंचे. अब नवंबर कि पर्यटकों की संख्या में ट्रैवल इंडस्ट्री के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है. नवंबर में प्रदेश के स्मारकों पर कुल एक लाख 81 हजार 214 सैलानी पहुंचे. राजधानी जयपुर में 146360 पर्यटक और प्रदेश के अन्य स्मारकों पर 34 हजार 909 सैलानी आए. 

राजधानी में नवंबर में सर्वाधिक पर्यटक नाहरगढ़ और विश्व विरासत में शुमार आमेर में पहुंचे. आमेर में पर्यटकों की संख्या 43 हजार 500 से ज्यादा रही जबकि नाहरगढ़ यह आंकड़ा 41 हजार से ज्यादा के स्तर पर रही. राजधानी के बाहर सर्वाधिक संख्या पर्यटक अलवर,  गागरोन किला,  चित्तौड़ में पर्यटकों रही. प्रदेश में पर्यटन उद्योग से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से 10 लाख से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं जिनमें छोटे-छोटे वेंडर, हॉकर से लेकर गाइड, महावत, लोक कलाकार और बड़े स्तर पर होटल, रिसोर्ट संचालक तक शामिल हैं. कोरोना संक्रमण का इन सभी पर बुरा असर हुआ है.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश के बाद प्रदेश के पर्यटन के प्रमुख सचिव आलोक गुप्ता सहित तमाम अधिकारी इस प्रयास में जुटे हुए हैं कि प्रदेश में सुरक्षित और स्वास्थ्य पर माहौल तैयार कर पर्यटन को वापस मुख्यधारा में लाया जाए. सभी का प्रयास है सर्दियों में प्रदेश में इस तरह का माहौल तैयार किया जाए जिससे घरेलू पर्यटक ज्यादा से ज्यादा संख्या में राजस्थान आएं. प्रबल इंडस्ट्रीज को भी उम्मीद है दिसंबर गोल्डन मंथ में क्रिसमस और न्यू ईयर के चलते पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा और टूरिज्म इंडस्ट्री को मजबूती मिलेगी.

 

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