धर्म-कर्म

Masik Shivratri : जानिए कब है मासिक शिवरात्रि, पूजन विधि और शुभ मुहूर्त के बारे में यहां जानिए

[ad_1]

जल्द ही मासिक शिवरात्रि का त्योहार आने वाला है. ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव की पूजा करने से किसी भी काम को करने शक्ति मिलती है. साथ ही नई ऊर्जा का संचार भी होता है. कहते हैं कि भगवान शिव की उपासना करने से हर समस्या का समाधान हो जाता है. बता दें कि इस मासिक शिवरात्रि का त्योहार 13 दिसंबर (रविवार) को मनाया जाएगा. शास्त्रों के अनुसार, साप्ताहिक त्योहारों में भगवान शिव को सोमवार का दिन समर्पित किया गया है. कहा जाता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से क्रोध, ईर्ष्या, अभिमान और लालच जैसी भावनाएं नहीं आती हैं.

शिवरात्रि का दिन शुभ माना जाता है. कहते हैं कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है. ऐसा माना जाता है कि अगर आप किसी परेशानी में है तो भगवान शिव की पूजा करने से मन को शांति मिलती है. अगर आप इस शिवरात्रि पूरे विधि विधान से पूजा करने की सोच रहे हैं तो इन बातों पर ज़रूर ध्यान दें. आइए, जानते हैं.

जानिए पूजा की विधि 

शिवरात्रि के दिन सुबह उठकर स्नान करें. इसके बाद भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और नंदी की पूजा करें. पूजा करने के दौरान ही शिव पुराण, शिव स्तुति, शिवाष्टक, शिव चालीसा और शिव श्लोक का पाठ भी करें. इसके अलावा, भगवान को भोग भी लगाएं और मन से मन्नत मांगें. बता दें इस दिन शिव मंत्रों का जाप करने से मन को शांति भी मिलती है.

शुभ मुहूर्त के बारे में जानिए 

बता दें कि 13 दिसंबर को मासिक शिवरात्रि मनाई जाएगी. 13 दिसंबर 23:45 बजे से शुभ मुहूर्त शुरू होगा. वहीं, 14 दिसंबर को 00:44 बजे ख़त्म हो जाएगा. अगर आप कोई काम शुरू करना चाहते हैं तो इस मुहूर्त में कर सकते हैं. माना जाता है शुभ मुहूर्त में कोई काम शुरू करने से परिणाम भी बेहतर मिलता है.

ये भी पढ़ें 

कोरोना वैक्सीन से जुड़ी बड़ी खबर, सीरम ने देश में ‘कोविशील्ड’ के इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मांगी मंजूरी

अब WhatsApp पर ही तुरंत जानें ट्रेन का PNR स्टेट्स, ये है पूरा प्रोसे

[ad_2]

Source link

Related posts

Vastu Tips: यदि रखें इन बातों का ध्यान तो जूते भी बदल सकते हैं आपकी किस्मत, जानें कैसे

News Malwa

होलिका दहन के दिन इस काम को करने से झेलनी पड़ेगी आर्थिक तंगी, जानिए किनसे बचना है आपको

News Malwa

उज्जैन के राजा विक्रमादित्य भी हुए थे शनिदेव की साढ़ेसाती के शिकार, कृपा से सब फिर संवर गया

News Malwa