देश

Farmers Protest: दिल्ली के 5 प्वाइंट पर अब धरना, किसानों ने सरकार को दी चेतावनी

[ad_1]

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन (Farmers Protest) जारी है. सड़क पर ट्रॉलियों को ही किसानों ने घर बना लिया है. दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन में रातभर देशभक्ति का गाना चलता रहा. किसानों का नया नारा अब ‘दिल्ली चलो’ नहीं बल्कि ‘दिल्ली घेरो’ है. दिल्ली के 5 प्वाइंट पर किसान अब धरना देंगे.

दिल्ली बॉर्डर (Delhi Border) पर अड़े हुए हैं किसान
किसानों के आंदोलन (Farmers Protest) के 5 दिन बाद भी किसानों का गुस्सा कम नहीं हो रहा है. सरकार बातचीत को तैयार है लेकिन किसान दिल्ली बॉर्डर (Delhi Border) पर अड़े हैं कि बातचीत यहीं होगी. किसान न तो दिल्ली पुलिस (Delhi Police) द्वारा तय किए गए प्रदर्शन स्थल पर जा रहे हैं और ना ही दिल्ली बॉर्डर से हट रहे हैं. किसानों के इस ऐलान के बाद सरकार की टेंशन बढ़ी हुई है.

कम नहीं हो रहा किसानों (Farmers) का गुस्सा
दिल्ली-यूपी बॉर्डर (Delhi UP Border) यानी गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने ट्रैक्टर पर तिरपाल डालकर इसे ही अपना घर बना लिया है. ठंड से बचने के लिए रजाई-कंबल भी लाए गए हैं. सड़क पर अलाव जल रहा है लेकिन सर्द रातों में इस अलाव की गर्मी से कहीं ज्यादा तपिश किसानों के गुस्से की आग से बढ़ रही है.

ये भी पढ़ें- दुनिया में पहली बार Pollution से मौत पर इस देश में होगी सुनवाई, फैसले पर टिकीं निगाहें

दिल्ली (Delhi) की घेराबंदी के लिए 5 प्वाइंट पर धरना
रविवार को किसान संगठनों की मीटिंग के बाद साफ कर दिया गया कि किसान प्रदर्शन (Farmers Protest) के लिए बुराड़ी (Burari) नहीं जाएंगे और दिल्ली (Delhi) की घेराबंदी के लिए 5 प्वाइंट पर धरना देंगे. किसानों की मांग है कि सरकार बिना शर्त उनसे बातचीत करे और उन्हें रामलीला मैदान या जंतर-मंतर पर आंदोलन करने की इजाजत दे.

किसानों ने दी अगले 4 महीने तक धरना देने की धमकी
किसान नेताओं का कहना है कि उनकी तैयारी पूरी है और अगर जरूरत पड़ी तो उनके पास अगले 4 महीने तक धरना देने का पूरा इंतजाम है. किसानों के ऐलान के बाद सरकार की टेंशन भी बढ़ गई है.

ये भी पढ़ें- मुनक्का खाने से दूर होंगी ये बीमारियां, जानिए अद्भुत फायदे

जेपी नड्डा के घर पर हुई हाई लेवल मीटिंग
रविवार को देर रात बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर पर हाई लेवल मीटिंग हुई. मीटिंग में बीजेपी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे. बताया जा रहा है कि मीटिंग करीब 2 घंटे तक चली.

सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान किसान आंदोलन को लेकर चर्चा हुई. सारे हालात की समीक्षा की गई और गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद किसानों की प्रतिक्रिया और उनके नेताओं के बयानों पर भी बातचीत की गई. लोकतंत्र में संवाद से ही समस्या का समाधान हो सकता है लेकिन मुश्किल ये है कि सरकार बातचीत को तैयार है फिर भी किसानों की जुबान पर ललकार है.

किसानों और सरकार के बीच बढ़ रही हैं दूरियां
किसान आंदोलन के 5 दिन हो चुके हैं. हर गुजरते लम्हे के साथ किसानों और सरकार के बीच की दूरी बढ़ती हुई दिख रही है. ऐसे में बड़ा सवाल ये भी है कि किसान और सरकार के बीच आखिर किसकी साजिश है. समाधान बातचीत से होगा लेकिन बातचीत कैसे होगी इसका कोई रोडमैप फिलहाल नहीं दिखता है.

नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने केंद्र सरकार को नई चेतावनी दी है कि उन्होंने जिन 25 बंदुओं को सरकार के सामने रखा वो उन्हीं पर बात करेंगे. साथ ही उन्होंने दिल्ली की घेराबंदी करने की चेतावनी भी दी है.

किसानों का बुराड़ी जाने से इनकार
इस बीच किसानों ने बुराड़ी के निरंकारी मैदान में जाने से मना कर दिया है. किसानों ने कहा कि बुराड़ी का मैदान कोई पार्क नहीं बल्कि एक खुली जेल है. बुराड़ी जाने की बजाय उन्होंने जंतर-मंतर जाने की बात कही है. बुराड़ी ना जाने का फैसला 30 किसान संगठनों ने मिलकर लिया है.

उधर हरियाणा के खाप पंचायतों ने भी किसानों के आंदोलन को अपना समर्थन दे दिया है. खाप पंचायत के सरपंच ने कहा कि सरकार से अनुरोध है कि वो इन कृषि कानूनों पर एक बार फिर से विचार करे.

(इनपुट- वरुन भसीन)

LIVE TV



[ad_2]

Source link

Related posts

देश की बड़ी आबादी नहीं करती पर्याप्त फलों और सब्जियों का सेवन: सर्वे

News Malwa

आंदोलन के नाम पर गुंडागर्दी, सांसद Subhash Chandra के बाद अब डिप्टी सीएम Dushyant Chautala को धमकी

News Malwa

Kaushambi Jail में बंद कैदी फटे कंबलों से बना रहें गायों के लिए कोट, PM Modi ने की तारीफ

News Malwa