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DNA ANALYSIS: सोशल मीडिया पर बछड़े की पिटाई के वायरल वीडियो का सच

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नई दिल्‍ली:  सोशल मीडिया पर एक वीडियो पिछले कुछ दिनों से चर्चा में है, जिसमें एक व्यक्ति गाय के बछड़े को बेरहमी से पीट रहा है. इस वीडियो को सोशल मीडिया पर गलत और आधी अधूरी जानकारी के साथ खूब शेयर किया गया. सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने गाय के बछड़े के साथ क्रूरता दिखाने वाले व्यक्ति के बारे में अपनी राय बना ली और पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी कर लिया. 

हम यहां स्पष्ट कर दें कि Zee News जानवरों के साथ होने वाली हिंसा का समर्थन नहीं करता और हमें लगता है कि इस मामले में कार्रवाई होनी ही चाहिए थी. लेकिन हम आपको इस खबर के पीछे की कहानी आज बताना चाहते हैं. 

घटना के पीछे की कहानी 

ये वीडियो 5 जनवरी का है और इसमें दिख रहे व्यक्ति का नाम कमल है.  घर जाते समय कमल को गाय के एक बछड़े से धक्का लग गया था और इस धक्के की वजह से उसके हाथों में जो कागज थे, वो नीचे गिर गए. कमल को ये बात बर्दाश्त नहीं हुई और उसने गाय के बछड़े को पीटना शुरू कर दिया.  इसके बाद उसने सड़क पर गिरे अपने कागज उठाए और वहां से चला गया.  सोशल मीडिया पर जब इसका वीडियो आया तो लोगों ने इस हिंसा की आलोचना की.  बात पुलिस तक पहुंची और कमल को गिफ्तार कर लिया गया. 

तनाव की वजह से उठाया ऐसा कदम   

कमल अपना घर चलाने के लिए एक पेट्रोल पम्प पर काम करता है और उसकी एक महीने की तनख्वाह 15 हजार रुपये है.  कमल की पत्नी को वर्ष 2014 में ब्रेन हेमरेज हुआ था, जिसके बाद उसकी आंखों की रोशनी चली गई थी. तभी से कमल अपनी पत्नी का इलाज करा रहा है.  5 जनवरी को जब उसने गाय के बछड़े को बेरहमी से पीटा, वो डॉक्टर के पास से ही लौट रहा था.  डॉक्टर ने उसे कहा था कि उसकी पत्नी की आंखों की रोशनी कभी नहीं लौटेगी. जिससे वो काफी हताश और निराश था.  गाय के बछड़े की वजह से जो कागज उसके हाथ से नीचे गिर गए थे, वो उसकी पत्नी की मेडिकल रिपोर्ट थी. यानी पत्नी पर मिली दुखद खबर से परेशान कमल को गुस्सा आ गया था. तनाव ने कमल को इस कदर जकड़ लिया कि वह  गलत और सही का अंतर नहीं कर पाया.  ये खबर आज हम आपको सिर्फ इसलिए बता रहे हैं कि क्योंकि हमारे देश में सोशल मीडिया पर आधी अधूरी जानकारी के साथ कई वीडियो वायरल किए जाते हैं और लोग उस पर अपना फैसला सुना देते हैं, कमल के साथ भी ऐसा ही हुआ.  हम मानते हैं कि कमल ने गलती की, लेकिन ऐसा उसने क्यों किया, इस पर आज आपको हमारी ये रिपोर्ट देखनी चाहिए. 

कमल को अब जमानत मिल चुकी है.  लेकिन उसकी मुश्किलें कम नहीं हुई हैं. 

भारतीय हर समय तनाव से घिरे रहते हैं

हमारे देश में मानसिक दबाव और तनाव को गंभीरता से नहीं लिया जाता है पर आंकड़ों से समझें तो ऐसा लगता है कि भारतीय हर समय तनाव से घिरे रहते हैं. भारत में हर 10 में से 9 लोग किसी न किसी वजह से तनाव के शिकार हैं. भारत में 18 से 34 वर्ष की उम्र के 95 प्रतिशत युवा मानते हैं कि उन्हें कई मौकों पर तनाव से गुजरना पड़ता है. बात अगर पूरी दुनिया की करें तो दुनिया में ये 86 प्रतिशत है. तनाव से पीड़ित व्यक्ति अक्सर क्रोध में रहता है और क्रोध को बुद्धि का दुश्मन कहा जाता है. 



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