देश

Corona: दिल्ली के बिगड़े हालातों पर SC की फटकार, केंद्र ने राज्य सरकार को बताया जिम्मेदार

[ad_1]

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना की डरावनी रफ्तार देखने को मिल रही है. सिर्फ नवंबर माह में ही 2000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. दिन-प्रतिदिन बिगड़ते दिल्ली (Delhi) के हालातों पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने भी चिंता जाहिर की है. शुक्रवार कोर्ट ने कहा कि चीजें बद से बदतर होती जा रही हैं. वहीं केंद्र सरकार (Central Government) ने इन हालातों का जिम्मेदार दिल्ली सरकार (Delhi Government) को ठहराया. 

केंद्र ने दिल्ली सरकार को ठहराया जिम्मेदार
शीर्ष अदालत में दायर अपने हलफनामे में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा, ‘डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण समेत दिल्ली सरकार की उपलब्धियों पर जहां नियमित विज्ञापन थे. वहीं कोरोना वायरस (Coronavirus) अनुकूल व्यवहार पर कोई विज्ञापन नहीं देखा गया. व्यापक रूप से लोगों को भी नियमित संपर्क उपायों के जरिए इसकी जानकारी नहीं थी.’

ये भी पढ़ें:- 31 दिसंबर तक महाराष्ट्र में लागू रहेगा Lockdown, नए साल के जश्न में मिलेगी छूट!

बार-बार कहने पर भी नहीं बढ़ाए गई टेस्टिंग
केंद्र ने आरोप लगाया कि ‘बार-बार कहने’ के बावजूद राज्य सरकार ने जांच क्षमता, विशेष तौर पर आरटी-पीसीआर जांच बढ़ाने के लिए कदम नहीं उठाए. काफी समय से हर दिन 20,000 के करीब आरटी-पीसीआर जांच ही हो रही थी. दिल्ली सरकार को ठंड, त्योहारी सीजन और प्रदूषण के दौरान मामलों में बढ़ोतरी की पूरी जानकारी थी और इसके बावजूद लोगों को पर्याप्त रूप से जागरूक करने के लिए उपायों को समय से अमल में नही लाया गया. 

बद से बदतर हो रहे हालात लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं-SC
जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर. एस. रेड्डी और जस्टिस एम. आर. शाह की बेंच से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि राज्यों को यह सुनिश्चित करना होगा कि दिशा-निर्देशों और दूसरे मानकों पर सख्ती से अमल किया जाए क्योंकि ‘यह लहर पहली वाली लहरों से कहीं ज्यादा भयावह लग रही है. सभी राज्यों को इससे निबटने के लिए आगे आना होगा और सख्त कदम उठाना होगा. चीजें बद से बदतर होती जा रही हैं लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं. राज्यों को राजनीति से ऊपर उठना होगा. 

ये भी पढ़ें:-  इस देश में Child Rapist को मिली 146 बेंत की सजा, बीच में हो गया बेहोश

कोरोना के 77 फीसदी एक्टिव केस के लिए 10 राज्य जिम्मेदार
केंद्र ने अपने हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 10 राज्यों में कोविड-19 के लगभग 77 फीसदी सक्रिय मामले हैं. जबकि कुल सक्रिय मामलों में से 33 फीसदी महाराष्ट्र और केरल के हैं. दुनिया के अधिकतर देशों में कोविड-19 के मामले फिर से बढ़ रहे हैं और भारत की घनी आबादी को देखते हुए देश ने संक्रमण के प्रसार पर अंकुश लगाने में उल्लेखनीय काम किया है. केंद्र ने कहा कि 24 नवंबर तक भारत में कोविड-19 के 92 लाख मामले थें, जिसमें 4.4 लाख से अधिक सक्रिय मामले हैं.

LIVE TV



[ad_2]

Source link

Related posts

उद्धव ठाकरे की पत्नी अस्पताल में भर्ती, कुछ दिन पहले हुईं थी कोरोना संक्रमित

News Malwa

West Bengal के सिलीगुड़ी और ढाका के बीच चलेगी पैसेंजर ट्रेन, Bangladesh के स्वतंत्रता दिवस पर होगी शुरुआत

News Malwa

UP: झूठी पहचान बताकर की थी शादी, अब धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत पुलिस ने किया गिरफ्तार

News Malwa