मध्य प्रदेश

बिहार: RJD नेता का विवादित बयान, RSS को बताया ‘भाषाई आतंकवादी की संस्था’

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पटना: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत बिहार दौरे पर आने वाले हैं. वह पटना में आरएसएस की दो दिवसीय में भाग लेने के लिए आएंगे. लेकिन संघ प्रमुख के दौरे से पहले ही बिहार में सियासत शुरू हो गई है. आरजेडी ने आरएसएस को भाषाई ‘आंतकवादी’ की संस्था करार दिया है और कहा कि संघ बिहार में धार्मिक उन्माद को बढ़ावा देना चाहती है.

‘बिहार के हथियाना चाह रही RSS’
मोहन भागवत के बिहार दौरे को लेकर आरजेडी प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा, ‘आरएसएस बीजेपी का सहयोगी संगठन है. बिहार को आरएसएस हथियाना चाह रही है. बिहार में जिस तरह से उन्होंने सरकार बनाई हैं उसको लेकर उनका मनोबल बढ़ा है. क्योंकि उन्होंने सही तरीके से सत्ता को नहीं हथियाया है बल्कि लोकतंत्र की हत्या की है.’

‘बिहार में धार्मिक उन्माद फैलाना चाहती है RSS’
शक्ति यादव ने आगे कहा, ‘आरएसएस चाहती है कि बिहार में धार्मिक उन्माद को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा मिले. क्योंकि आरएसएस को दूसरा कोई काम नहीं है.’ इस दौरान विवादित बयान देते हुए शक्ति यादव ने कहा कि आरएसएस की भाषाई ‘आतंकवादी’ की संस्था है.

‘नीतीश कुमार को अलर्ट रहने की जरूरत’
आरजेडी नेता ने कहा, ‘RSS भाषाई आतंकवादी की संस्था है, जहां से उत्पन्न होने वाले व्यक्ति के भाषा में जहर होता है. यहां धार्मिक एकता पर सवाल खड़े होते हैं.’ वहीं, कांग्रेस के एमएलसी प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा, ‘मोहन भागवत गुजरात जाएं या बिहार आएं उनका एजेंडा एक ही रहता है कि कैसे संप्रदायिक राजनीति को बल दिया जाए. मोहन भागवत के दौरे को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अलर्ट रहने की जरूरत है और प्रशासन को भी अलर्ट रखें क्योंकि भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस का हिडेन एजेंडा है, उसको लेकर यह बैठक कर रहे हैं. नीतीश कुमार को अलर्ट रहना चाहिए क्योंकि सरकार के लिए खतरनाक होगा और बिहार में माहौल बिगाड़ने की कोशिश होगी.’

‘विपक्ष क्यों हाय-तौबा मचाए हुए है’
मिश्रा ने कहा, ‘मोहन भागवत जहां भी जाते हैं उनका अपना एक उद्देश्य होता है. राज्य में विधि व्यवस्था बनी रहे यह नीतीश कुमार को सुनिश्चित करना चाहिए.’ बिहार सरकार के मंत्री जीवेश  मिश्रा ने मोहन भागवत के बिहार दौरे को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है. जीवेश मिश्रा ने कहा, ‘विपक्ष क्यों हाय-तौबा मचाए हुए है. मोहन भागवत भागवत देश में सभी जगह जाते हैं. कांग्रेस शासित राज्यों में भी मोहन भागवत का जाना होता है. सामाजिक क्षेत्र के महान कार्यों के लिए मोहन भागवत जाने जाते हैं. मोहन भागवत के आने को लेकर कोई हाय-तौबा मचा रहा है तो यह स्वतंत्र भारत के लिए ठीक नहीं है. 

‘ओवैसी बिहार में भांगड़ा करने आते हैं’
इधर, मोहन भागवत के बिहार दौरे और विपक्ष के द्वारा निशाना साधे जाने पर जेडीयू के प्रवक्ता अजय आलोक ने आरजेडी और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है. अजय आलोक ने कहा, ‘ओवैसी बिहार में भांगड़ा करने आते हैं कि चुनाव के रिजल्ट के बाद आरजेडी ने ओवैसी को ओवैसी जी कहना शुरू कर दिया और कांग्रेस पार्टी ओसामा जी, यासीन भटकल जी, लादेन जी कहा था. क्योंकि यह कांग्रेस के लिए महात्मा और संत पुरुष थे और RSS को भाषाई आतंकवादी कहते हैं. जवाहरलाल नेहरू ने RSS को सम्मानित किया था, RSS राष्ट्रव्यापी संगठन है. मोहन भागवत इसके अध्यक्ष हैं, वह अपने संगठन के कार्य से आ रहे हैं उन पर टिप्पणी करना बनता ही नहीं. उन्माद कांग्रेस और आरजेडी वाले फैलाते हैं यही लोग उन्मादी हैं.’

क्यों हो रही बयानबाजी
दरअसल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत पटना में पांच और छह दिसंबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की क्षेत्र स्तर की आयोजित होने वाली बैठक में भाग लेंगे. इस बैठक में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह भैय्याजी जोशी भी उपस्थित रहेंगे. इस बैठक में बिहार और झारखंड से संघ के 40 कार्यकर्ता भाग लेंगे.



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