मध्य प्रदेश

पंचायत चुनाव: DDC के नतीजों में Pilot को लगा बड़ा झटका! 25 में से 15 वार्डों में जीती BJP

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पुरूषोत्तम जोशी/टोंक: राजस्थान में पंचायत राज चुनावों के मंगलवार को नतीजे घोषित हो गए. बीजेपी, कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों और कई निर्दलीयों के भाग्य की ईवीएम (EVM) मंगलवार को खुल गई. मंगलवार को घोषित हुए परिणामों में पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) को बड़ा झटका लगा है. यहां जिला परिषद के 25 वार्डों में 15 सीटों पर बीजेपी ने जीत का परचम लहरा दिया तो वहीं कांग्रेस को महज 10 सीटों पर जीत हासिल हुई. वहीं,  कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मण गाता की पुत्रवधु और सचिन पायलट के सबसे करीबी हंसराज चौधरी की पत्नी प्रियंका को वार्ड 23  से करारी हार का सामना करना पड़ा है. 

     यहां देखिए जिला परिषद के 25 वार्डों के नतीजों की पूरी LIST

  1. जिला परिषद वार्ड 1 से कांग्रेस की रूपकला शर्मा 1152 वोटों से जीती.
  2. वार्ड 2 से भाजपा के किशनलाल 836 वोटों से जीते. 
  3. वार्ड 3 से भाजपा की गीता 590 वोटों से जीती.
  4. वार्ड 4 से भाजपा की निशिता डोई 1936 वोटों से जीती.
  5. वार्ड 5 से कांग्रेस के भरतराज चौधरी 2426 वोटों से जीते.
  6. वार्ड 6 से भाजपा से हंसराज मीना 1721 वोटों से जीते.
  7. वार्ड 7 से कांग्रेस के  घीसी देवी 169 वोटों से जीती.
  8. वार्ड 8 से भाजपा की आदेश कंवर 1693 वोटों से जीती.
  9. वार्ड 9 से भाजपा की अनिता देवी 1957 वोटों से जीती.
  10. वार्ड 10 से कांग्रेस के जगदीश 198 वोटों से जीते.
  11. वार्ड 11 से भाजपा के मनराज सैनी 454 वोटों से जीते.
  12. वार्ड 12 से कांग्रेस के सम्पत गुर्जर 1917 वोटों से जीते.
  13. वार्ड 13 से कांग्रेस के हंसराज गुंजल 1782 वोटों से जीते.
  14. वार्ड 14 से कांग्रेस की अनिता मीना 3051 वोटों से जीती. 
  15. वार्ड 15 से भाजपा के लवेश मीना 54 वोटों से जीते.
  16. वार्ड 16 से भाजपा की सरोज बंसल 3988 वोटों से जीती.
  17. वार्ड 17 से भाजपा की कमला देवी 3771 वोटों से जीती.
  18. वार्ड 18 से कांग्रेस की अनोख देवी 783 वोटों से जीती.
  19. वार्ड 19 से भाजपा का नरेश नायक 3144 वोटों से जीते.
  20. वार्ड 20 से भाजपा की अनिता 1842 वोटों से जीती.
  21. वार्ड 21 से भाजपा के रामजीलाल 1690 वोटों से जीते.
  22. वार्ड 22 से कांग्रेस की गलखू देवी 95 वोटों से जीती.
  23. वार्ड 23 से भाजपा की ममता चौधरी 1454 वोटों से जीती.
  24. वार्ड 24 से भाजपा की सीता चौधरी 1200 वोटों से जीती.
  25. वार्ड 25 से कांग्रेस के छोगालाल 876 वोटों से जीते.

अब इन वार्डों का सियासी समीकरण समझते हैं कि आखिर कौन कितना भारी है, जिसके सिर पर सज सकता है जिला प्रमुख का ताज. दरअसल, 25 वार्डों में 15 पर भाजपा की जीत ने कांग्रेस के सारे सियासी समीकरण बिगाड़ दिए हैं. कांग्रेस की हार ने जहां पायलट खेमें को बड़ा झटका दिया है. वहीं, भाजपा की जीत ने नेताओं के हौंसले बढ़ा दिए. 

अब जिला प्रमुख के लिए जहां वार्ड 16 से ऐतिहासिक वोटों से जीत हासिल करने वाली सरोज बंसल का नाम सबसे ऊपर है. वहीं, निवर्तमान जिला प्रमुख सत्यनारायण चौधरी की पत्नी सीता चौधरी भी जिला प्रमुख की दौड़ में सबसे आगे हैं. तो वहीं वार्ड 23 से कांग्रेस की प्रियंका चौधरी को करारी शिकस्त देने वाली ममता चौधरी भी जिला प्रमुख की दौड़ में बताई जा रही है. फिलहाल तो जिला परिषद की हार के बाद कांग्रेस खेमें में मायूस नजर आ रही है.

वहीं, टोंक जिले की सात पंचायत समितियों की कुल 19 वार्डों में से भाजपा ने 9 वार्डों पर जीत हासिल की है. 7 वार्डों में कांग्रेस जीत हासिल कर पाई और निर्दलीय 3 प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है. वहीं, नवगठित पंचायत समिति पीपलू के कुल 19 वार्डों में से भाजपा ने 8, कांग्रेस 9 और निर्दलीय 2 प्रत्याशियो ने जीत हासिल की है. निवाई पंचायत समिति के 21 वार्डों में से 13 भाजपा, 6 कांग्रेस और 2 निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की.

उनियारा पंचायत समिति के 17 वार्डों में से 10 कांग्रेस, 6 भाजपा और 1 निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत हासिल की. देवली पंचायत समिति के कुल 21 वार्डों में से 10 कांग्रेस, 8 भाजपा और 3 निर्दलीयों ने जीत हासिल की. टोडारायसिंह के कुल 15 वार्डो में से भाजपा ने 9 सीटों पर जीत हासिल की, कांग्रेस ने 5 सीटों पर जीत हासिल की. वहीं, टोडारायसिंह में आरएली ने अपना खाता खोला है, जिसमें पूजा ने वार्ड 9 से 122 वोटों से जीत हासिल की है और मालपुरा पंचायत समिति के कुल 23 वार्डों में मुकाबला बराबरी का रहा है, जिसमें भाजपा ने 11 और कांग्रेस ने भी 11 सीटे हासिल है.

वहीं, कांग्रेस से बागी निर्दलीय प्रत्याशी मूलशंकर शर्मा ने ऐतिहासिक वोटों से जीत हासिल की है और अब प्रधान पद के दावेदार माने जा रहे हैं. इधर, सूबे में छिड़ी सियासत में वर्चस्व की जंग में टोंक में पायलट खेमें की हार के बाद अब समीकरण बदले बदले से नजर आ रहे है. ऐसे में देखने वाली बात होगी कि आखिर 7 पंचायत समितियों में से कांग्रेस कितनी पंचायत समितियों में प्रधान बनाने में कामयाब हो पाती है.

हालांकि, कांग्रेस की राह टोंक जिले में आसान नहीं है. क्योंकि टोंक, निवाई, टोडारायसिंह, पीपलू, देवली में भाजपा के जीत के आंकड़े कांग्रेस की राह में रोड़े हैं. क्योंकि यहां निर्दलीय ही पार्टियों के भाग्य का फैसला करेंगे. हालांकि, देवली विधायक हरीश मीना के विधानसभा क्षेत्र के उनियारा पंचायत समिति में कांग्रेस अपना एक तरफा बोर्ड बनाने में कामयाब हो सकती है.

ये भी पढ़ें-Bhilwara Panchayat Election: जिला प्रमुख बनाने के लिए Congress-BJP में मची होड़, अब…

 



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