मध्य प्रदेश

जान जोखिम में डालकर निजी नाव से गन्ने की ढुलाई कर रहे किसान, बाजार में मिल रहे औने-पौने दाम

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इमरान अजीज/बगहा: अन्नदाता अपने औंजार लेकर जहां एक तरफ देश की राजधानी दिल्ली में सड़कों पर उतरे हैं और किसानों के हित व समर्थन में 8 दिसंबर को देश व्यापी हड़ताल की तैयारी चल रही है. वहीं दूसरी ओर यूपी-बिहार सीमा पर स्थित चंपारण के बगहा में नारायणी गंडक नदी में जान जोख़िम में डालकर गन्ना किसान निजी नावों पर अपने नगदी फसल की औने पौने भाड़े पर ढुलाई कर रहे खासा परेशान हैं.

दरअसल, गंडक नदी पर इस बार पीपा पुल का निर्माण नहीं होने से सीमावर्ती यूपी बिहार के दियारा में सैकड़ों एकड़ ज़मीन पर उपजे नगदी फ़सल ट्रैक्टर ट्राली और बैलगाड़ी लेकर हर रोज़ किसान स्टीमरनुमा निजी नावों पर सवार होकर नदी पार कर रहे हैं. जहां किसान गन्ना लदे बैलगाड़ी के 150-200 और ट्रैक्टर ट्राली के 400-450 रुपए भाड़ा चुकता कर रहे हैं. 

एक तो गन्ना मूल्य दर में लंबे समय से कोई वृद्धि नहीं होने से किसानों को खेती में लागत के अनुरूप अब मुनाफा कम हो रहा है तो वहीं विगत महीने आई बाढ़ की विभीषिका ने इनकी कमर तोड़ दी है. इससे उपज भी थोड़ा कम हुआ है. ऊपर से कोरोना काल और लॉकडाउन में किसान भी त्रस्त हुए हैं. अब इस बार खेतों में तैयार एक मात्र नगदी फ़सल को चीनी मिलों तक पहुंचाने की मजबूरी में अन्नदाता चौतरफ़ा मार झेल रहे हैं.

गन्ना किसानों का कहना है कि सरकार और प्रशासनिक उदासीनता समेत स्थानीय चीनी मिलों की अनदेखी में इस बार गंडक नदी पर पीपा पुल नहीं बनाया गया है और ना ही किसी ने इनकी कोई सुधि लेना मुनासिब समझा है अगर प्रशासन की पहल पर चीनी मिलें गन्ना ढुलाई के भाड़े का ख़र्च उठा लें तो हद तक इनकी आर्थिक परेशानी कम हो जायेगी. 

दूसरी ओर गन्ना किसानों ने बढ़ती महंगाई के बीच गन्ना मूल्य दर में बढ़ोतरी के साथ ससमय भुगतान की मांग किया है, ताकि खेती किसानी, घर गृहस्थी और शादी विवाह समेत बच्चों के पठन पाठन व परिवार के सदस्यों की दवा इलाज़ में मदद मिल सके.

बात अगर सुरक्षा व्यवस्था की करें तो वैसे भी यहां गंडक दियारा के हजारों एकड़ में लगे नगदी फसल अगर चीनी मिलों तक नहीं पहुंचे तो आर्थिक रूप से भारी नुकसान होगा और किसानों के समक्ष भुखमरी समेत कर्ज़ में डूबने की स्थिति उत्पन्न होगी,

ऐसे में हलकान परेशान गन्ना किसान बेजुबानों के साथ अपनी जान जोख़िम में डालकर इन निजी नावों पर सवार होकर औने पौने भाड़े पर आए दिन गंडक नदी पार कर रहे हैं .

बता दें कि गंडक नदी का जलस्तर काफ़ी कम हो गया है और घटते जलस्तर के कारण इंडो नेपाल सीमा पर स्थित पर्यटन नगरी वाल्मिकीनगर में मोटर वोट समेत राफ्टिंग पर फ़िलहाल रोक लगी है बावजूद इसके गंडक नदी के घटते जलस्तर में स्टीमर नुमा निजी नावों पर जिस तरह ओवर लोड सवारी की जा रही है उससे किसी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता है .

अब देखना दिलचस्प होगा कि सरकारी स्तर पर प्रशासन और चीनी मिल प्रबंधन गन्ना किसानों के हित में इनके जान माल की सुरक्षा को लेकर कोई वैकल्पिक और रियायती व्यवस्था करती भी है या नहीं.



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