मध्य प्रदेश

जयपुर: कांग्रेस में टिकट वितरण के बाद मचा घमासान, कार्यकर्ताओं के सामने पूर्व विधायक चुप

[ad_1]

प्रदीप सोनी, चौमूं: यूं तो कांग्रेस (Congress) में अंतर्कलह होना कोई बड़ी बात नहीं है… भले ही विधानसभा चुनाव हो या निकाय चुनाव.. निकाय चुनाव टिकट वितरण को लेकर अब विरोध होना आम हो गया है. चौमूं में होने वाले नगरपालिका चुनावो में कांग्रेस के टिकट वितरण होने के बाद घमासान छिड़ गया है. टिकट नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व विधायक भगवान सहाय सैनी का खुला विरोध शुरू कर दिया है.

चौमूं नगरपालिका में 11 दिसंबर को चुनाव होने जा रहे हैं. चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है. नगर पालिका चुनाव को लेकर भाजपा ने 45 वार्डों में अपने प्रत्याशियों को टिकट देकर सूची जारी कर दी है तो इधर आरएलपी ने भी 21वार्डों में अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे हैं. इन दोनों पार्टियों के टिकट सूचियां जारी होने के बाद शुक्रवार शाम तक कांग्रेस की अधिकृत सूची जारी नहीं की. बाद में रात 10:00 बजे कांग्रेस ने ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर के जरिए टिकट की सूची जारी की. इस सूची के जारी होने के बाद से ही विरोध के सुर तेज हो गए और कांग्रेस को सूची जारी करने से पहले यही डर सता रहा था कि कहीं अपने ही अदावत पर नहीं उतर जाएं और हुआ भी ऐसा ही. सुबह ही कांग्रेस के कार्यकर्ता एकत्र होकर कांग्रेस कार्यालय पहुंच गए, जहां पूर्व विधायक भगवान सहाय सैनी को खरी खोटी सुनाई. 

नगर पालिका के वार्ड नंबर 31 और वार्ड नंबर 41 कांग्रेस के टिकट के दावेदारों को टिकट नहीं मिलने से घमासान छिड़ गया. टिकट के दावेदार अपने समर्थकों के साथ सुबह होते ही कांग्रेस कार्यालय पहुंच गए, जहां पूर्व विधायक भगवान सहाय सैनी को जमकर खरी-खोटी सुनाने लगे तो कार्यकर्ताओं के सामने पूर्व विधायक भगवान सहाय सैनी की बोलती बंद हो गई. टिकट के दावेदारों और कार्यकर्ताओं को पूर्व विधायक आश्वस्त नहीं कर पाए. सवाल खड़ा था की आखिर उनकी टिकट क्यों काटी. पूर्व विधायक भगवान सहाय सैनी ने एक बार ऊर्जा मंत्री बीड़ी कल्ला का नाम लिया. कहां की एक टिकट उनके कहने से दी गई है. इस पर कार्यकर्ता आग बबूला हो गए. यानी कार्यकर्ताओं और पूर्व विधायक दोनों ने ही टिकट वितरण में ऊर्जा मंत्री बी डी कल्ला का नाम भी घसीट लिया और बहस बढ़ती ही चली गई. 

बढ़ते विरोध को देखकर पूर्व विधायक भगवान सहाय सैनी भी अपनी गाड़ी में बैठकर रवाना हो गए. पूर्व विधायक यहां रुकते तो मीडिया के सवाल-जवाब करती. इसे बचने के लिए  हालांकि इस पूरे मसले में भी पूर्व विधायक से हमने मोबाइल पर बात करने की कोशिश की, लेकिन फोन नहीं उठाया. टिकट के दावेदारों ने पूर्व विधायक पर  दोनों वार्डों में बाहरी उम्मीदवारों को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारने का आरोप लगाया है. ऐसे में जिन दावेदारों को टिकट नहीं मिली है उन्होंने भी निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. इस विरोध के बाद लगता है कहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यह खुल्ला विरोध कांग्रेस के लिए भारी नहीं पड़ जाए.

गौरतलब है कि पिछले 10 वर्षों से भाजपा ने ही नगरपालिका पर अपना कब्जा जमा रखा है. भाजपा दोनों बार ही अपना बोर्ड बनाने में कामयाब रही है. इस बार लग रहा था कि प्रदेश में सरकार कांग्रेस की होने के कारण निकाय चुनाव में चौमूं में कांग्रेस अपना हाथ मजबूत कर सकती है, लेकिन टिकट वितरण में हुए इस घमासान से कांग्रेस को नुकसान होने का खतरा ज्यादा मंडरा रहा है. तो वहीं कुछ कांग्रेस के पुराने  कार्यकर्ता भी बड़े नेताओं से खासे नाराज माने जा रहे हैं. इस वजह से कांग्रेस में भी भीतर घात होने की भी संभावना है.

ये भी पढ़ें: 30 नवंबर को साल के आखिरी चंद्रग्रहण के साथ मनाई जाएगी कार्तिक पूर्णिमा, चमकेगी किस्मत



[ad_2]

Source link

Related posts

पूर्व CM कमलनाथ के लिफ्ट हादसे की सदन में चर्चा, CM शिवराज ने लिया तुरंत एक्शन

News Malwa

Bhopal News: असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM की MP में एंट्री, वर्चुअल मीटिंग के साथ सदस्‍यता अभियान

News Malwa

INDORE : मंत्री तुलसी सिलावट बोले ज्योतिरादित्य हैं टाइगर, फिर ये कहकर संभाल दी बात…

News Malwa