मध्य प्रदेश

कोटा पुल हादसे में ठेका कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज, दोषियों पर होगी कार्रवाई

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केके शर्मा/कोटा: राजस्थान के कोटा के सिटी मॉल के सामने निर्माणाधीन ओवरब्रिज के स्लैब गिरने के मामले में यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के निर्देश के बाद अब निर्माण ठेका कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. मामले में विज्ञान नगर थानाधिकारी अमर सिंह ने बताया कि हादसे के लिए जिम्मेदार निर्माण कंपनी के खिलाफ यूआईटी के XEN सीपी शुक्ला ने शिकायत दी थी जिसके आधार पर FIR दर्ज कर जांच शुरू की गई है.

जानकारी के अनुसार, मामले में 1 मजदूर की मौत हुई है जबकि कुल 12 घायलों में से फिलहाल 4 अस्पताल में भर्ती है वहीं शेष की इलाज के बाद छुट्टी की जा चुकी है. सीआई अमर सिंह के मुताबिक, अब हादसे की तकनीकी जांच की जाएगी और दोषी ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

दरअसल, राजस्थान के कोटा में बुधवार को निर्माणधीन पुलिया  के गिरने से चारों और हाहाकार और चीख पुकार मच गया. सिटी मॉल के सामने बनाई जा रहे ओवरब्रिज का एक स्लैब अचानक भरभरा कर गिर गया. हादसे में मलबे के नीचे 12 मजदूर दब गए थे. अब इस मामले में लापरवाही को लेकर सरकार ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का मूड बना लिया है.

हादसे के बाद मंत्री शांति धारीवाल ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था, कमेटी ने हादसे की वजहों की जांच शुरू कर दी है.  यूडीएच मंत्री ने हादसे को बेहद गंभीर मानते हुए स्मार्ट सिटी चेयरमैन भवानी सिंह देथा को जांच कमेटी बनाकर जांच की जिम्मेदारी दी है. हादसे की वजहों की जांच कर तीन सदस्यी कमेटी यूडीएच मंत्री शांति धारिवल को रिपोर्ट सौपेगी, जिसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. सूत्रों के मुताबिक दोषी ठेका कंपनी और लापरवाह अधिकारियों पर गाज गिरना तय बताया जा रहा है.

कैसे हुआ हादसा?
बुधवार शामको  सिटी मॉल के सामने निर्माणाधीन ओवरब्रिज के हिस्से में शटरिंग की हुई थी, जहां नया स्लैब डाला जाना था. इस ओवरब्रिज का निर्माण यूआईटी करवा रही है. निर्माण के दौरान अचानक निर्माणधीन पुलिया का एक हिस्सा भरभरा गिर गया. निर्माणधीन पुलिया गिरते ही वहां काम कर रहे मजदूरों में चीख पुकार मच गई. पुलिया पर काम कर रहे 12 मजदूर दब गए. जिन्हें बड़ी मशक्कत के बाद SDRF और निगम की रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाला और सभी घायलों को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया. जहां सभी की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है. 

वहीं, सूचना मिलते ही एसपी विकास पाठक, यूआईटी सचिव राजेश जोशी सहित निगम और यूआईटी के इंजीनियर मौके पर पहुंचे और हादसे की जानकारी जुटाई. मौके पर  जेसीबी मशीनों को बुलाकर मलबे को तेजी से हटाया गया.

ये भी पढ़ें-कोटा ब्रिज हादसे के बाद JDA अलर्ट, JDC ने साइट्स पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के दिए निर्देश



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