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कुंवारी लड़कियों के खून से क्यों नहाती थी खूंखार Elizabeth Bathory? हैरान कर देगी वजह

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नई दिल्ली: 14 फरवरी 1556 को अकबर ने दिल्ली का सिंहासन संभाला, शासन अच्छा चल रहा था. ठीक 4 साल बाद 1560 में हंगरी (Hungary) के एक घर में एक लड़की का जन्म हुआ जो भारत से 6000 किमी दूर थी, उसका नाम रखा गया एलिजाबेथ बाथरी (Elizabeth Bathory), जो बाद में इतिहास की सबसे बड़ी महिला हत्‍यारी (female murderer) मानी गई. केवल 15 साल की उम्र में उसने पहला अपराध कर दिया था.

सुंदर लड़कियों से थी नफरत
ऐलिजाबेथ (Elizabeth) को सुंदर लड़कियों से नफरत करती थी और वह उन्हें नुकसान पहुंचाती रहती थी. इतना ही नहीं वह उनके खून से यह सोचकर स्नान करती थी कि इससे वह युवा बनी रहेगी. अपनी खूबसूरती को बनाए रखने की आड़ में उसने 600 से ज्‍यादा सुंदर लड़कियों को मार डाला था. यही वजह है कि एलिजाबेथ को इतिहास की सबसे भयानक महिला कातिल कहा जाता है.

परिवार भी करता था घिनौने काम में मदद
एलिजाबेथ (Elizabeth Bathory) ही नहीं बल्कि उसके माता-पिता और अन्य रिश्तेदार (Elizabeth Bathory Family) भी उतने ही क्रूर थे. बचपन से ही उसने देखा कि उसके क्रूर माता-पिता गरीब लोगों की पिटाई करते हैं. कहा जाता है कि एलिजाबेथ ने अपने अंकल से शैतानी अनुष्ठान सीखे और आंटी से अत्याचार करना सीखा.

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पति भी वैसा ही मिला
एलिजाबेथ बाथरी (Elizabeth Bathory) की शादी 15 साल की उम्र में फेरेंक II नाडास्डी नाम के एक व्यक्ति से हुई थी, जो 19 साल का था. वह तुर्क के खिलाफ हुए युद्ध में हंगरी का हीरो था. एलिजाबेथ अपने पति के सामने खूबसूरत मासूम लड़कियों का खून बहाती थी. कुंवारी लड़कियों को मारना उसका शौक बन गया था. एलिजाबेथ की तीन बेटियां और एक बेटा था. 1604 में 48 साल की आयु में उसके पति की मौत हो गई थी. इसके बाद वह स्लोवाकिया चली गई. हत्याएं करने और लड़कियों पर अत्याचार करने में मदद करने के लिए उसने नौकर रखे हुए थे.

ऐसे शुरू हुआ था लड़कियों की हत्‍या का सिलसिला
एक बार एक लड़की एलिजाबेथ को तैयार करने में मदद कर रही थी, तभी गलती से उससे ऐलिजाबेथ के बाल खिंच गए. ऐलिजाबेथ ने उसे इतनी जोर से थप्‍पड़ मारा कि लड़की के चेहरे से खून निकलने लगा. उसने फिर उसी जगह लड़की को मारा तो उसके हाथ में खून लग गया. उस रात एलिजाबेथ ने महसूस किया कि हाथ में जिस जगह लड़की का खून लगा था, उसकी वहां की स्किन अधिक युवा और सुंदर हो गई थी. बस उसने तब से ही अपनी युवावस्‍था को बनाए रखने के लिए कुंवारी लड़कियों के खून से स्नान करना शुरू कर दिया और इसके लिए हत्‍याएं करने लगी.

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यही वजह है कि उसके महल में आने वाली लड़कियां कभी जीवित नहीं लौटती थीं. वह हमेशा गरीब लड़कियों को बुलाती थी, चूंकि वह बहुत प्रभावशाली थी इसलिए उसे कोई इनकार नहीं कर पाता था.

600 हत्‍याएं कीं, फिर भी कुछ नहीं हुआ
जांच में ऐलिजाबेथ के नौकरों ने हत्‍याओं की दिल दहला देने वाली कहानियां सुनाईं. ऐलिजाबेथ और उसके नौकरों पर 80 हत्‍याएं करने का दोष साबित हुआ, जबकि सबूत 600 से ज्‍यादा हत्‍याओं के थे. चूंकि वह शाही परिवार से थी और शाही परिवार के लोगों को फांसी पर लटकाने का प्रावधान नहीं था इसलिए उसे बस एक कमरे में बंद कर दिया. कमरे में बंद करने के साढ़े तीन साल बाद ऐलिजाबेथ की मौत हो गई थी.

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